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UPSC Syllabus in Hindi: UPSC सिलेबस 2027, प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा विषयवार

सिविल सेवा परीक्षा का UPSC सिलेबस पेपर-दर-पेपर: प्रारंभिक, मुख्य, साक्षात्कार, अंक और उपयोग का तरीका।

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  1. मुख्य बातें
  2. UPSC Syllabus in Hindi: तीन चरणों का परिचय
  3. UPSC प्रारंभिक परीक्षा का सिलेबस
  4. UPSC मुख्य परीक्षा का सिलेबस
  5. वैकल्पिक विषय का चुनाव
  6. UPSC साक्षात्कार (व्यक्तित्व परीक्षण)
  7. पात्रता की झलक
  8. UPSC सिलेबस का असरदार उपयोग कैसे करें
  9. UPSC सिलेबस के विषयवार स्रोत
  10. UPSC सिलेबस में आम गलतियाँ
  11. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: UPSC सिलेबस
  12. सिलेबस को अपने काम में लाइए

UPSC syllabus in Hindi जानना हर आईएएस उम्मीदवार का पहला कदम है।

सिविल सेवा परीक्षा के तीन चरण हैं: प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और व्यक्तित्व परीक्षण, जिसे साक्षात्कार भी कहते हैं।

सिलेबस बड़ा है, पर स्थिर भी है, इसलिए साफ़ नक्शा महीनों की उलझन बचाता है।

UPSC कैलेंडर के अनुसार 2027 की परीक्षा की अधिसूचना 13 जनवरी 2027 को आनी है।

प्रारंभिक परीक्षा 23 मई 2027 को प्रस्तावित है।

सबसे पहले तीनों चरण समझिए।

फिर हर पेपर के विषय और अंक देखिए।

UPSC Syllabus in Hindi: तीन चरणों का परिचय

परीक्षा साल में एक बार होती है।

यह IAS, IPS और IFS जैसी सेवाओं के लिए अधिकारी चुनती है।

तीनों चरण एक के बाद एक आते हैं, इसलिए आगे बढ़ने के लिए पिछला पार करना ज़रूरी है।

वहीं अंतिम रैंक केवल मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों पर बनती है।

चरण हैं: प्रारंभिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ), मुख्य परीक्षा (वर्णनात्मक) और व्यक्तित्व परीक्षण।

इसलिए आपकी तैयारी को चौड़े अध्ययन से गहरे उत्तर-लेखन की ओर बढ़ना होगा।

UPSC प्रारंभिक परीक्षा का सिलेबस

प्रारंभिक परीक्षा में दो वस्तुनिष्ठ पेपर होते हैं।

हर पेपर की समय-सीमा दो घंटे है।

साथ ही हर गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक कटते हैं।

पेपर प्रश्न अंक स्वरूप
सामान्य अध्ययन पेपर I 100 200 कट-ऑफ में गिना जाता है
CSAT (पेपर II) 80 200 अर्हक (33%)

सामान्य अध्ययन पेपर I के विषय

सामान्य अध्ययन पेपर I सात क्षेत्रों में जानकारी परखता है।

  • समसामयिक घटनाएँ: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की घटनाएँ।
  • इतिहास: भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन।
  • भूगोल: भारत और विश्व का भूगोल, जिसमें भौतिक, सामाजिक और आर्थिक पक्ष शामिल हैं।
  • राजव्यवस्था और शासन: संविधान, राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, सार्वजनिक नीति और अधिकारों के मुद्दे।
  • अर्थव्यवस्था: आर्थिक और सामाजिक विकास, सतत विकास, गरीबी, समावेशन और जनसांख्यिकी।
  • पर्यावरण: जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन और ऐसे सामान्य मुद्दे जिनके लिए विशेष विषय-ज्ञान नहीं चाहिए।
  • सामान्य विज्ञान: रोज़मर्रा का विज्ञान और हाल के विकास।

CSAT पेपर II के विषय

CSAT अवबोधन, पारस्परिक और संप्रेषण कौशल, तार्किक तर्क, विश्लेषण क्षमता, निर्णय लेने और समस्या-समाधान को परखता है।

इसमें सामान्य मानसिक योग्यता भी आती है।

साथ ही कक्षा 10 स्तर तक की बुनियादी संख्यात्मकता और आँकड़ा-व्याख्या भी शामिल है।

यह पेपर अर्हक है, इसलिए ऊँचे स्कोर के बजाय लगातार सटीकता का लक्ष्य रखिए।

UPSC मुख्य परीक्षा का सिलेबस

मुख्य परीक्षा में नौ पेपर हैं, और हर पेपर वर्णनात्मक है।

उत्तर पूरे लिखने होते हैं, इसलिए अभ्यास पढ़ाई जितना ही ज़रूरी है।

  • पेपर A (भारतीय भाषा, 300 अंक): यह अर्हक है, और इसमें कम से कम 25% चाहिए।
  • पेपर B (अंग्रेज़ी, 300 अंक): यह भी अर्हक है, और सीमा वही 25% है।
  • निबंध (250 अंक): आप दो खंडों में से एक-एक करके दो निबंध लिखते हैं।
  • सामान्य अध्ययन पेपर I (250 अंक): इसमें भारतीय विरासत और संस्कृति, आधुनिक इतिहास, स्वतंत्रता के बाद का भारत, विश्व इतिहास, समाज और भूगोल आते हैं।
  • सामान्य अध्ययन पेपर II (250 अंक): इसमें शासन, संविधान, राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय और अंतरराष्ट्रीय संबंध आते हैं।
  • सामान्य अध्ययन पेपर III (250 अंक): इसमें प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था, कृषि, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन आते हैं।
  • सामान्य अध्ययन पेपर IV (250 अंक): इसमें नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिक्षमता आते हैं, और केस स्टडी भी होती हैं।
  • वैकल्पिक पेपर I (250 अंक) और पेपर II (250 अंक): ये आपके चुने विषय को परखते हैं।

रैंक सूची में निबंध, चार सामान्य अध्ययन और दो वैकल्पिक पेपर गिने जाते हैं, जिनका योग 1750 अंक है।

इसके विपरीत दोनों भाषा पेपर केवल अर्हक हैं।

वैकल्पिक विषय का चुनाव

आप लगभग 48 विषयों की सूची से एक वैकल्पिक विषय चुनते हैं।

इसमें 25 विषय और 23 साहित्य पेपर शामिल हैं।

अच्छा चुनाव तीन बातों पर टिका है।

पहले अपनी रुचि और पृष्ठभूमि देखिए।

फिर देखिए कि सिलेबस का कितना हिस्सा सामान्य अध्ययन से मिलता है।

अंत में अच्छे नोट्स और उत्तर-लेखन मार्गदर्शन की उपलब्धता जाँचिए।

वैकल्पिक के 500 अंक होते हैं, इसलिए शुरू करने के बाद उसे बदलने से बचिए।

UPSC साक्षात्कार (व्यक्तित्व परीक्षण)

साक्षात्कार 275 अंक का है।

बोर्ड आपकी मानसिक सजगता, स्पष्टता, निर्णय का संतुलन और नेतृत्व परखता है।

वह परीक्षा-शैली में आपका ज्ञान नहीं जाँचता।

इसके बजाय बोर्ड आपकी पृष्ठभूमि, आपके DAF (विस्तृत आवेदन पत्र) और समसामयिक घटनाओं पर बात करता है।

पात्रता की झलक

आवेदन के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की स्नातक डिग्री चाहिए।

सामान्य श्रेणी के लिए आयु सीमा 21 से 32 वर्ष है, और अन्य श्रेणियों को छूट मिलती है।

प्रयासों की संख्या सामान्य श्रेणी के लिए छह और OBC के लिए नौ है।

वहीं SC और ST उम्मीदवारों के लिए 37 वर्ष की आयु सीमा तक असीमित प्रयास हैं।

ये ब्योरे हमेशा आधिकारिक अधिसूचना में जाँचिए, क्योंकि नियम बदल सकते हैं।

UPSC सिलेबस का असरदार उपयोग कैसे करें

सिलेबस प्रिंट कीजिए और हर पंक्ति को टॉपिक में तोड़िए।

फिर हर टॉपिक को स्रोत से जोड़िए, जैसे NCERT पुस्तक, मानक पाठ्यपुस्तक या अख़बार।

उसके बाद हर टॉपिक पर “प्रारंभिक”, “मुख्य” या “दोनों” का निशान लगाइए।

कई टॉपिक दोनों चरणों में दोहराते हैं, इसलिए इससे समय बचता है।

अंत में पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र देखिए कि कौन-से उप-विषय सबसे ज़्यादा आते हैं।

एक सरल साप्ताहिक योजना

  • सोम–शुक्र: रोज़ एक स्थिर विषय और एक समसामयिक टॉपिक पढ़िए।
  • शनिवार: दो मुख्य परीक्षा के उत्तर लिखिए और सिलेबस से मिलाकर जाँचिए।
  • रविवार: हफ़्ते को दोहराइए और एक छोटा टेस्ट दीजिए।

सामान्य अध्ययन-आदतों के लिए टालमटोल कैसे रोकें पढ़ें।

स्कूल के बाद की राह के लिए परीक्षा तैयारी भाग देखिए।

UPSC सिलेबस के विषयवार स्रोत

सिलेबस टॉपिक गिनाता है, पर किताबों के नाम नहीं बताता।

इसलिए शुरू में ही छोटा स्रोत-नक्शा बना लीजिए।

  • इतिहास: NCERT पुस्तकों से शुरू कीजिए, क्योंकि वे साफ़ आधार देती हैं, फिर आधुनिक भारत के लिए एक मानक पुस्तक जोड़िए।
  • भूगोल: भौतिक और मानव भूगोल के लिए NCERT पढ़िए, और नक्शों के लिए एटलस का उपयोग कीजिए।
  • राजव्यवस्था: एक मानक राजव्यवस्था पुस्तक पढ़िए, और संविधान के अनुच्छेदों को उदाहरणों से समझिए।
  • अर्थव्यवस्था: NCERT की बुनियाद से शुरू कीजिए, फिर आर्थिक सर्वेक्षण और बजट का सार देखिए।
  • पर्यावरण: पारिस्थितिकी के मूल अध्याय पढ़िए, और जलवायु व जैव विविधता की नई रिपोर्टें जोड़िए।
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी: नए विकासों के लिए अख़बार पढ़िए, क्योंकि प्रश्न आम तौर पर खबरों पर आधारित होते हैं।
  • नीतिशास्त्र: सिलेबस ध्यान से पढ़िए, क्योंकि केस स्टडी में साफ़ और संतुलित तर्क पर अंक मिलते हैं।

प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा का मेल

कई टॉपिक दोनों चरणों में आते हैं।

उदाहरण के लिए, राजव्यवस्था और अर्थव्यवस्था प्रारंभिक में तथ्य के रूप में और मुख्य में विश्लेषण के रूप में परखी जाती हैं।

इसलिए एक बार की पढ़ाई दोनों चरणों के काम आ सकती है, अगर आप नोट्स उत्तर-अनुकूल बनाएँ।

पहले तथ्य सीखिए।

फिर हर टॉपिक पर दो-तीन विश्लेषण-बिंदु जोड़िए।

अंत में अपने नोट्स से एक छोटा उत्तर लिखने का अभ्यास कीजिए।

समसामयिक घटनाएँ कहाँ फिट होती हैं

समसामयिक घटनाएँ लगभग हर पेपर में चलती हैं।

प्रारंभिक परीक्षा हाल की घटनाएँ सीधे पूछती है, जबकि मुख्य परीक्षा उदाहरण और आँकड़े माँगती है।

इसलिए रोज़ एक अच्छा अख़बार पढ़िए।

साथ ही तारीख़ों के बजाय सिलेबस के शीर्षकों के नीचे छोटे नोट्स बनाइए।

UPSC सिलेबस में आम गलतियाँ

  • उम्मीदवार बहुत सारी किताबें जमा कर लेते हैं, इसलिए कोई भी पूरी नहीं हो पाती।
  • कई लोग CSAT की अनदेखी करते हैं, पर 33% से कम स्कोर उस प्रयास को खत्म कर देता है।
  • कुछ लोग नीतिशास्त्र पेपर छोड़ देते हैं, जबकि केस स्टडी के अभ्यास से उसमें अच्छे अंक आते हैं।
  • सिलेबस केवल शीर्षकों की सूची है, इसलिए विद्यार्थी अक्सर प्रश्न की माँग से आगे पढ़ने लगते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: UPSC सिलेबस

UPSC प्रारंभिक परीक्षा का सिलेबस क्या है?

प्रारंभिक परीक्षा में दो पेपर हैं।

सामान्य अध्ययन पेपर I में समसामयिक घटनाएँ, इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और विज्ञान आते हैं।

CSAT पेपर II में अवबोधन, तर्क और बुनियादी संख्यात्मकता आती है, और वह केवल अर्हक है।

UPSC मुख्य परीक्षा में कितने पेपर होते हैं?

मुख्य परीक्षा में नौ पेपर होते हैं: दो अर्हक भाषा पेपर, एक निबंध, चार सामान्य अध्ययन और दो वैकल्पिक विषय पेपर।

रैंक वाले सात पेपर 1750 अंक के हैं।

UPSC साक्षात्कार कितने अंक का होता है?

साक्षात्कार 275 अंक का होता है।

अंतिम मेरिट सूची में मुख्य परीक्षा के 1750 और साक्षात्कार के 275 अंक जुड़ते हैं, इसलिए कुल 2025 अंक बनते हैं।

CSAT अर्हक है या रैंक में गिना जाता है?

CSAT (पेपर II) केवल अर्हक है।

पास होने के लिए कम से कम 33% चाहिए, और उसके अंक कट-ऑफ या अंतिम रैंक सूची में नहीं जोड़े जाते।

More Questions About Upsc Syllabus In Hindi

UPSC में कितने वैकल्पिक विषय हैं?

UPSC लगभग 48 वैकल्पिक विषय देता है, जिनमें 25 विषय और 23 साहित्य पेपर शामिल हैं।

आप एक चुनते हैं, और उसमें 250-250 अंकों के दो पेपर होते हैं।

UPSC की आयु सीमा और प्रयास कितने हैं?

सामान्य आयु सीमा 21 से 32 वर्ष है।

प्रयास सामान्य के लिए छह, OBC के लिए नौ और SC-ST के लिए 37 वर्ष की सीमा तक असीमित हैं।

मौजूदा नियम आधिकारिक अधिसूचना में देखें।

UPSC प्रारंभिक परीक्षा 2027 कब है?

UPSC कैलेंडर के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा 23 मई 2027 को प्रस्तावित है, और अधिसूचना 13 जनवरी 2027 को आनी है।

तिथियाँ बदल सकती हैं, इसलिए पुष्टि के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें।

सिलेबस को अपने काम में लाइए

UPSC syllabus in Hindi लंबे घंटों से ज़्यादा स्थिर योजना को इनाम देता है।

हर शीर्षक को टॉपिक-सूची में बदलिए, उसे एक भरोसेमंद स्रोत से जोड़िए और हर हफ़्ते खुद को परखिए।

फिर UPSC नोट्स श्रेणी देखिए, या The Note होमपेज पर जाइए।

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