शम्मी कपूर का संक्षिप्त जीवन परिचय। (Brief biography of Shammi Kapoor)

Shammi Kapoor biography

शम्मी कपूर हिंदी सिनेमा के एक बहुत ही मशहूर और दिग्गज  अभिनेता माने जाते हैं। इनके पिता पृथ्वीराज कपूर और बड़े भाई राज कपूर भी हिंदी सिनेमा में  अपने अभिनय से देश ही नहीं विदेशों में भी भारत का नाम रोशन कर चुके हैं। शम्मी कपूर एक हिंदी सिनेमा की पारिवारिक पृष्ठभूमि से आते हैं। इन्होंने वर्ष 1953 में जीवन ज्योति फिल्म से हिंदी सिनेमा में पदार्पण किया था। इनकी सबसे पहली कामयाब फिल्म वर्ष 1957 में आई  तुमसा नहीं देखा थी। इसके बाद शम्मी कपूर को मुख्य पहचान वर्ष 1959 में आई फिल्म दिल दे कर देखो  से प्राप्त हुई थी। वर्ष 1950 से 1970 के दशकों में केवल शम्मी कपूर ही ऐसे अभिनेता थे जिन्हें डांसिंग हीरो के नाम से जाना जाता था। शम्मी कपूर ने 55 वर्षों से ज्यादा हिंदी सिनेमा में काम किया  जिसमें उन्होंने  लगभग 140 फिल्मों में काम किया। उनकी अंतिम फिल्म वर्ष 2011 में इम्तियाज अली द्वारा निर्देशित  रॉकस्टार थी,  जिसमें उन्होंने उस्ताद जमील खान का किरदार निभाया था। हिंदी सिनेमा में  अभिनय के योगदान के लिए उनको कहीं पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। 14 अगस्त वर्ष 2011 को क्रोनिक किडनी फेलियर के कारण उनका ब्रिज कैंडी हॉस्पिटल मुंबई में देहांत हो गया। आज भी शम्मी कपूर नए अभिनेताओं के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।

शम्मी कपूर का जन्म और उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि (Birth and family background of Shammi Kapoor)

शम्मी कपूर का जन्म  21 अक्टूबर 1931 को बॉम्बे पृथ्वीराज कपूर के घर हुआ। इनके पिता पृथ्वीराज कपूर के तीन बेटे थे,  जिनमें से शम्मी कपूर दूसरे नंबर पर आते  हैं। इनके  बड़े भाई का नाम राज कपूर और छोटे भाई का नाम शशि कपूर है। शम्मी कपूर के बचपन का अधिकतर समय कोलकाता में गुजरा जहां इनके पिता थिएटर स्टूडियो उसके कामकाज में व्यस्त रहते थे। इनकी माता का नाम रामसरनी देवी कपूर है  वह एक गृहणी थी । इनकी एक बहन भी हैं जिनका नाम उर्मिला सियाल कपूर  है।

शम्मी कपूर की शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification of Shammi Kapoor)

शम्मी कपूर की प्रारंभिक शिक्षा कोलकाता में मोंटसरी एजुकेशन और किंडरगार्टन से हुए। बॉम्बे  लौट कर आने के पश्चात इनका दाखिला सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल वडाला  में करवा दिया गया। कुछ सालों तक यहां से शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात डॉन बॉस्को स्कूल मुंबई में तथा उसके बाद इनका दाखिला न्यू एरा स्कूल ह्यूग्स रोड़ मुंबई  में करवा दिया गया। जहां से इन्होंने मैट्रिक तक की शिक्षा प्राप्त की। उसके पश्चात इन्होंने राम नारायण रुइया कॉलेज मुंबई में भी दाखिला लिया परंतु पढ़ाई को बीच में ही छोड़कर यह अपने पिता के साथ पृथ्वी थिएटर में हाथ मिटाने लगे।

शम्मी कपूर की व्यक्तिगत जानकारी (Personal Information of Shammi Kapoor)

वास्तविक नामसमीर राज कपूर
उपनामएलविस प्रेसले ऑफ इंडिया
शम्मी कपूर का जन्मदिन21 अक्टूबर 1931
शम्मी कपूर की आयु80 वर्ष ( मृत्यु के समय)
शम्मी कपूर का जन्म स्थानबॉम्बे  महाराष्ट्र
शम्मी कपूर की मृत्यु तिथि14 अगस्त 2011
शम्मी कपूर का मृत्यु स्थानमुंबई महाराष्ट्र भारत
शम्मी कपूर की मृत्यु का कारण  क्रोनिक किडनी फेलियर
शम्मी कपूर का धर्महिंदू
शम्मी कपूर की जातीपंजाबी क्षत्रिय
शम्मी कपूर  के शैक्षणिक योग्यतामैट्रिक पास
शम्मी कपूर के स्कूल का नाम सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल मुंबई
 डॉन बॉस्को स्कूल मुंबई 
न्यू एरा स्कूल  मुंबई
शम्मी कपूर के कॉलेज का नामरामनारायण रुइया कॉलेज ( कॉलेज ड्रॉपआउट)
शम्मी कपूर का व्यवसायअभिनेता,  फिल्म निर्माता और निर्देशक
शम्मी कपूर की कुल संपत्ति20  करोड रुपए के लगभग
शम्मी कपूर के वैवाहिक स्थितिविवाहित

 शम्मी कपूर  की शारीरिक संरचना (Body structure of Shammi Kapoor)

शम्मी कपूर की लंबाई5 फुट 11 इंच
शम्मी कपूर का वजन80 किलोग्राम
शम्मी कपूर का शारीरिक मापछाते 42 इंच,  कमर 36 इंच,  बाइसेप्स 13
शम्मी कपूर की आंखों का रंगभूरा
शम्मी कपूर के बालों का रंगसफेद

 शम्मी कपूर का परिवार (Shammi Kapoor family)

शम्मी कपूर के पिता का नामपृथ्वीराज कपूर
शम्मी कपूर की माता का नामरामसरनी देवी कपूर
शम्मी कपूर के भाइयों का नामराज कपूर और शशि कपूर
 नंदी कपूर  और देवी कपूर ( मृत्यु वर्ष 1931)
  शम्मी कपूर की बहन का नामउर्मिला सियाल कपूर
शम्मी कपूर की पत्नी का नामगीता बाली ( पहली पत्नी – वर्ष 1955 से वर्ष 1965)
 नीला देवी गोहिल ( दूसरी पत्नी –  वर्ष 1969)
शम्मी कपूर के बेटे का नामआदित्य राज कपूर
शम्मी कपूर की बेटी का नामकंचन देसाई

शम्मी कपूर का हिंदी सिनेमा में पदार्पण (Shammi Kapoor’s debut in Hindi cinema)

शम्मी कपूर ने वर्ष 1953 में महेश कॉल द्वारा निर्देशित फिल्म जीवन ज्योति से बतौर मुख्य अभिनेता हिंदी सिनेमा में पदार्पण किया था। इस फिल्म में उन्होंने श्याम सुंदर का किरदार निभाया था। इसी वर्ष इनकी चार और फिल्में रेल का डब्बा,  गुल सनोबर,  लैला मजनू और ठोकर भी रिलीज हुई थी। शम्मी कपूर को पहली बार  मुख्य पहचान वर्ष 1957 में नासिर हुसैन द्वारा निर्देशित फिल्म तुमसा नहीं देखा से प्राप्त हुई थी। इस फिल्म में इन्होंने शंकर का मुख्य किरदार निभाया था। इसके बाद वर्ष 1961 में सुबोध मुखर्जी द्वारा निर्देशित कॉमेडी रोमांटिक ड्रामा फिल्म जंगली से वह मुख्य अभिनेताओं की सूची में शामिल हो गए और उनकी लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ने लगी। 

इस फिल्म की सफलता के पश्चात शम्मी कपूर एक के बाद एक सुपरहिट और ब्लॉकबस्टर फिल्में हिंदी सिनेमा की माला में मोती की तरह होते गए जैसे कि बॉयफ्रेंड वर्ष 1961,  दिल तेरा दीवाना वर्ष 1962,  कश्मीर की कली वर्ष 1964,  जानवर वर्ष 1965,  तीसरी मंजिल वर्ष 1966,  ब्रह्मचारी वर्ष 1968,  तुमसे अच्छा कौन है वर्ष 1969,  जाने अनजाने वर्ष 1971, मामा भांजा वर्ष 1977, बेताब वर्ष 1983,  हिना  वर्ष 1991,  प्रेम रोग  वर्ष 1994 आदि

शम्मी कपूर का निजी जीवन। (Personal life of Shammi Kapoor.)

शम्मी कपूर अपनी पहली पत्नी गीता बाली से वर्ष 1955 में  रंगीन रातें फिल्म की शूटिंग के दौरान ही  पहली बार मिले थे। इस फिल्म में  शम्मी कपूर ने मुख्य अभिनेता का किरदार और गीता बाली ने कैमियो  रोल किया था। इसके मात्र 4 महीने बाद ही शम्मी कपूर ने गीता बाली से मालाबार हिल मुंबई के स्थित बाणगंगा मंदिर में विवाह कर लिया था। वर्ष 1965 में गीता बाली की स्मॉल पॉक्स के बीमारी के कारण मृत्यु हो गई जिसके बाद शम्मी कपूर काफी टूट गए थे और उदास रहने लगी थी। 4 सालों के बाद शम्मी कपूर ने नीला देवी से दूसरा विवाह  किया।

एक इंटरव्यू के दौरान मुमताज ने बताया कि शम्मी कपूर ने उनको शादी के लिए प्रपोज किया था,  जब वर्ष 1968 में ब्रह्मचारी फिल्म की शूटिंग  कर रहे थे। शम्मी कपूर इंटरनेट यूजर कम्युनिटी ऑफ इंडिया के संस्थापक रह चुके हैं। उन्होंने एथिकल हैकर्स एसोसिएशन जैसी संस्थाओं के साथ भी मुख्य भूमिका निभाई है। शम्मी कपूर कपूर परिवार की वेबसाइट को भी मेंटेन रखते थे।

 शम्मी कपूर की मृत्यु (Death of Shammi Kapoor)

शम्मी कपूर काफी समय से बीमार चल रहे थे 7 अगस्त 2011 को  उनको बहुत तेज दर्द होने लगा तो तभी उन्हें ब्रिज कैंडी हॉस्पिटल मुंबई में ले जाया गया। डॉक्टर ने शम्मी कपूर को किडनी फेलियर की बीमारी से ग्रसित बताया था। शम्मी कपूर को जब सांस लेने में परेशानी आने लगी तो डॉक्टर ने उनको वेंटिलेटर लगा दिया। एक हफ्ता तक वह किसी हालत में रहे और 14 अगस्त 2011 को सुबह 5:15 पर क्रॉनिक किडनी फेलियर के कारण 80 वर्ष की आयु में उनका देहांत हो गया। 15 अगस्त को  उनके पार्थिव शव को मालाबार हिल मुंबई के बाणगंगा श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। आज शम्मी कपूर इस दुनिया में तो नहीं है परंतु वह आज भी नए अभिनेताओं के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत बने हुए हैं।

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